DEEP WEB AND DARK WEB DETAILS IN HINDI-HINDIPROHELP - HindiProHelp

DEEP WEB AND DARK WEB DETAILS IN HINDI-HINDIPROHELP

क्या आप प्रतिदिन इंटरनेट का उपयोग करते है ? जाहिर सी बात है आप इंटरनेट का उपयोग रोज़ करते होंगे।
क्या आप पूरे Web को Access करते है?अब आप बोलेंगे हा। लेकिन यह सत्य नहीं है आप पूरे web को access नहीं कर पाते है आप रोज़ जो इंटरनेट का उपयोग करते हो वो तो सिर्फ  एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है बाकी भाग तो कहीं और है ।
आमतौर पर इंटरनेट का 96% हिस्सा Search Engines द्वारा index नहीं किया जाता है , indexing मतलब होता है कि इंटरनेट का वो स्पेसिफिक भाग जो आपको सर्च करने पर show होता है।
इसका मतलब है कि वर्ल्ड वाइड वेब का केवल एक छोटा सा हिस्सा आपको मानक तरीकों के माध्यम से पहुंच सकता है। औसत इंटरनेट उपयोगकर्ता केवल उस संभावित के एक हिस्से का उपयोग कर रहा है जो इंटरनेट को देना है।
जिस हिस्से को हम search engine गूगल द्वारा देखते है वो सर्फेस वेव कहलाता है।
Deep वेब में सभी तरह के data होते है जिनको पब्लिकली share नहीं किया जा सकता। इस हिस्से में आपके पासवर्ड, प्राइवेट data, बैंक Logins , क्रेडिट Card डिटेल्स की तरह हर वो चीज है जो आप प्राइवेट में करते है।
कोई भी इन डिटेल्स को पा सकता है  चौंकिए मत लेकिन यह कटु सत्य है।
इंटरनेट के इस खुफिया हिस्से में कितने रहस्य दबे हुए है कोई नहीं जानता।

Deep web and Dark web details in hindi

 

Surface Web Vs Deep Web Vs Dark  Web

इंटरनेट को तीन कैटेगिरी Surface web, Deep Web और Dark Web में बांटकर समझा जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

Surface web-

Surface Web इंटरनेट की दुनिया का दिखने वाला हिस्सा है, जिसे आमतौर हम सभी अलग अलग सर्च इंजन से एक्सेस करते है।इस हिस्से में आपको वही कंटेंट मिलेगा, जो इंटरनेट पर लीगल होगा और जिसे आपका देश Allow करता है जो कि पूरी तरह से कानूनी होगा और इसको एक्सेस करने से आपको कोई भी दिक्कत नहीं आएगी। सर्फेस वेब में एक्सेस करने के लिए आपको किसी स्पेशल परमिशन की जरूरत नहीं होती है आपको किसी भी तरह का VpN अथवा TOR यूज करने की जरूरत नही हैं। हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरे इंटरनेट पर मौजूद कंटेंट का सिर्फ 4 परसेंट ही surface web है। Surface web पर लग भग चौदह अरब पेजेस है , अब आप डीप और डार्क वेब कंटेंट की मात्रा का अंदाजा लगा सकते हैं सोचिए अगर सर्फेस वेव पर इतने पेजेस है तो deep web par कितना होगा?। surface वेब में आप किसी वेबसाइट से सिर्फ उसी लेवल तक जा सकते हैं, जहां तक website का मालिक आपको जाने की इजाजत देता है। जैसे कि आप वेबसाइट के एडमिन एरिया को एक्सेस नहीं कर सकते या उस वेबसाइट की प्रायवेट जानकारी को नहीं देख सकते है। और ना उस कंटेंट में किसी प्रकार का change कर सकते है। एक अन्य अर्थ में कहे तो आप सर्फेस web पर हर वो कार्य नहीं कर सकते जिसके किसी को किसी भी प्रकार का नुक़सान पहुंचा जा सके।

 Deep Web

 

 इंटरनेट पर 90% हिस्सा Deep Web होता है। Deep Web पर वो सभी प्रकार के database है जिन्हे कोई भी सर्च इंजन आमतौर पर इंडेक्स नहीं कर पाता है और ना ही आपको उसके डाटा को दिखा पता है। इस तरह के कंटेंट को आप गूगल सर्च , Bing सर्च, या याहू सर्चकरके नहीं खोज सकते हैं, क्योंकि जैसा मैंने आपको बताया  इस तरह की वेबसाइट सर्च रिजल्ट में इंडेक्ट नहीं होती हैं। हालांकि यूजर इसे एक्सेस कर सकता है अगर उसके पास उस वेबसाइट या पेज का लिंक हो और इसको एक्सेस करने के लिए आपको the onion router का यूज करना पड़ेगा है। हालांकि डीप वेब में आने वाली वेबसाइट और जानकारियां अति संवेदनशील और गोपनीय होती है। इन जानकारियों में बड़ी-बड़ी कम्पनियों का डेटा, सुरक्षा एजेंसियों का गोपनीय डेटा, वैज्ञानिकों के बनाए फार्मूले और जानकारीयां, बैंकों का डेटा, क्लाउड स्टोरेज, डेटाबेस, इमेल लिस्टिंग, गवर्मेंट पब्लिकेशन आदि शामिल होते हैं। यानी ये इंटरनेट का एक साफ-सुथरा हिस्सा है, लेकिन इसे सिर्फ वही लोग एक्सेस कर सकते हैं, जिसे एक्सेस करने की परमिशन होती है। हालांकि कुछ गैरकानूनी गतिविधियों द्वारा इन डाटाबेस से ब्लैक hat हैकर्स खिलवाड़ कर रहे है जो कि सुरक्षा के नजरिए से हानिकारक है।
 वेबसाइट से सिर्फ उसी लेवल तक जा सकते हैं, जहां तक website का मालिक आपको जाने की इजाजत देता है। जैसे कि आप वेबसाइट के एडमिन एरिया को एक्सेस नहीं कर सकते या उस वेबसाइट की प्रायवेट जानकारी को नहीं देख सकते है। और ना उस कंटेंट में किसी प्रकार का change कर सकते है। एक अन्य अर्थ में कहे तो आप सर्फेस web पर हर वो कार्य नहीं कर सकते जिसके किसी को किसी भी प्रकार का नुक़सान पहुंचा जा सके।

 

Dark Web-

पूरे इंटरनेट का छह प्रतिशत हिस्सा जो कि सबसे ज्यादा खतरनाक मान जाता है।
यह वो हिस्सा है जो सिर्फ उन्हीं सॉफ्टवेयर द्वारा एक्सेस किया जा सकता है  जो आपको पूर्ण रूप से anonymity प्रदान करते है।
इसीलिए हम कह सकते है कि ये वो हिस्सा है जो कि पूरी दुनिया से छिपा हुआ है।
आमतौर पर dark web के URLs के अंत में .onion होता है, ना कि  .com, .gov या .edu।
Deep web को एक्सेस करने के लिए आपको ToR यूज करना होता है।
चलिए हम अपने पूरे Web यानी इंटरनेट को एक उदाहरण के जरिए समझते है।
हमारी जो इंटरनेट की दुनिया है वह एक समुंद्र की तरह है जिसकी जो सतह यानी surface है वह Surface Web कहलाती है और जो underwater है वह Deep Web और डार्क Web में विभाजित है । समुद्र की वह गहराई जहा तक सूर्य की रोशनी जाती है उसे आप Deep वेब कह सकते है और वो सतह जहा सूर्य की रोशनी भी नहीं पहुंचती उस सतह को हम  डार्क वेब कह सकते है।
DARK WEB को इंटरनेट की काली दुनिया भी कहा जाता हैं क्युकी यहां पर दुनिया के सभी तरह के गैरकानूनी कार्य होते है । यहां पर आपको कई लोग ऐसे मिलेंगे जो दूसरों के Credit Card details बेचते है और अन्य तरह के गैरकानूनी कार्य करते है।
DARK WEB  पर स्मगलिंग से लेके मादक पदार्थ जैसे चरस गांजा, अफ़ीम वगैरह खरीदे बेचे जाते है जो कि एक गैरकानूनी जुर्म है।
यहां पर illegal Porn और Child Trafficking ट जैसे जघन्य अपराध होते है ।
Dark web पर Arms की खरीद और बिक्री भी की जाती है  और स्मगलिंग होती हैं जो कि किसी भी देश में गैरकानूनी है।

अब आप सोच रहे होंगे कि जब यहां पर इतने गैरकानूनी कार्य होते है तो हमारी सुरक्षा एजेंसियों इसे रोकती क्यों नहीं। आइए आपके इस सवाल का जवाब हम आपको विस्तार पूर्वक देते है।
आमतौर पर यदि आप सामान्य Web (Surface Web) पर कोई भी कार्य करते है तो आपके हर कार्य सुरक्षा एजेंसियों की नजर में होते है  और अगर कोई भी किसी प्रकार का illegal कार्य करता है तो वह पकड़ा जाता है लेकिन Dark Web पर सुरक्षा एजेंसियां नजर नहीं रख पाती है और इसके फल स्वरूप अपराधी अपने सभी तरह के Illegal कार्यों को  आसानी से अंजाम देते हैं।
तकनीकी विशेषज्ञ इसे साइबर का Underworld (Cyber’s Underworld)) भीहते है।
इसलिए इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि Banking, Personal Information और सुरक्षा से लेकर कई अहम जानकारियों से लैस Internet के लिए डार्क वेब एक बडा खतरा बनता जा रहा हैं।

नीचे मैं आपको कुछ सवालो के जवाब देकर deep web के बारे में समझाने जा रहा हूं जिससे आप deep web और dark web के बारे अच्छे से समझ सके।
आमतौर पर Deep Web और Dark Web को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते है , जाहिर सी बात है सवाल तो होंगे ही आखिर ये web का hidden और सबसे dark part है , इसीलि मैंने इस पोस्ट में उन क्वेश्चंस के आंसर देने के बारे में सोचा जो की dark web का नाम सुनने वालों के मन में उठते है ।

 

Ques: Deep Web या Dark Web Surface वेब की तुलना में कितना बड़ा है?

Ans: Deep web कितना बड़ा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि deep web Internet का ९६ प्रतिशत है ।
और अगर इसके डाटाबेस की बात करें तो यह सामान्य वेब का चार सौ से छह सौ गुना है। क्युकी deep web पर डेली कई मिलियन data add  होते रहते है इसलिए deep web का कोई Approx Mass हम आपको बताने में असमर्थ है।

 

Ques: Deep Web पर Approx कितनी लाईव sites है ?

Ans: June 2017 के अनुसार डीप वेब पर लगभग 400,000 लाईव साइट्स है ।
और इनका कुल डाटाबेस लगभग 7.5 Petabytes है, एक petabytes में एक हजार टेराबाइट होते है।
इस हिसाब से Deep Web का Database 7500 TB है  जो कि बढ़ता ही जा रहा है।

 

Ques:Deep Web पर किस  तरह के contents available है?

Ans: Deep Web पर maximum रूप से Illegal और Private Contents ही Available  है जो कि सामान्य वेब से नहीं देखे जा सकते।

Ques: Dark Web पर किस तरह के कंटेंट्स अवैलेबल है?

Ans: Dark वेब पर सबसे ज्यादा मात्रा में मादक पदार्थ उपलब्ध है और यहां पर Arms ,gambling और Pornography वाले contents सबसे ज्यादा available है।

Ques: क्या Dark Web Access करना इल्लीगल है?

Dark Web का एक्सेस करना बहोत ही गैरकानूनी माना  जाता है क्युकी यहां पर सिर्फ illegal  contents ही Available है।

Ques: Deep Web को Access करना बहोत कठिन क्यू है?

Ans: deep वेब को Access करना इसलिए कठिन है क्युकी नॉर्मल सर्च इंजिन deep web साइट को Scroll नहीं कर पाते और जिसके कारण हम deep web को आसानी से एक्सेस नहीं कर पाते।
क्युकी Normal Search Engine जैसे गूगल , याहू आदि सिर्फ हमें Surface Web के  Results ही दिखा पाते है।

तो कैसी लगी आपको ये पोस्ट!
अगर  आपको किसी भी प्रकार का Doubt है तो कृपया comment करके बताइए।
अपने कीमती सुझाव कमेंट में जरूर दे।
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About the Author: Prashant Rathore

Prashant Rathore Piyu Is A 20 Years Old Student And A Part Time Blogger. He's An Expert In Python Language. Currently He's Learning More About SEO And Web Designing.

19 Comments

  1. Deep Web पर सभी साइट्स .onion extension से ही क्यों शुरू होती हैं?कृपया विस्तार पूर्वक बताइये की Deep Web पर .com जैसी sites क्यों नही होती है?

  2. ये जो Deep Web पर Card Selling Sites होती हैं क्या ये Real होती हैं?
    मुझे Carding करना है.
    Please Help Me

      1. अच्छा Carding के लिए क्या Requirements है ये तो बता दीजिये।

  3. Hello Mera Naam Pankaj Kumar Hai.
    Mujhe ye Janna hai ki Deep Web ko access karne ke liye kya kya jruri chije chahiye.

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